मैं गुड़िया तेरे आँगन की, मैं गुड़िया बाबा, तेरे आँगन की,
अर्जी मेरी है सरकार खाटू बुला लेओ एक बार अर्जी मेरी है
रूपालो मंदिर थारो सोवणो रे । थाने धोखवा ने आवे नर नार, रुनिचे वाला,
राम राम राम राम होरी सत्संग में। ऐसी वैसी बात ना आवे मेरे मन में
जब तक सांसे चलेगी,
तुझको चाहूंगा श्याम,
मै भीलण भिखियारी,
सदा रे शिव मत कर प्रीत हमारी
कुण बाबा ने सजायो आज, यो लागे बनड़ो सो,
श्याम भरोसे हो जा प्यारे,
थारो हरियो बाग़ बन जाई रे, ज्यरो अजब बाग़ बन जाए रे भव भव रा फुल खिले
कुंण तो बणासी थां बिन बाबा, बिगड़ी म्हारी रे।
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