अंजनी रा जाया,!!! भूलूं न एक घड़ी।
Author: Pushpanjali
रुनझुन बाजे घूघरा, कोई रुनझुन बाजे घूघरा
म्हारी सोहनी चिड़ी,म्हारी रूपां री चिड़ी।
श्याम बाबा श्याम बाबा, तेरे पास आया हूं।
दानी होकर क्यूं चुप बैठा,ये कैसी दातारी रे।
चंदा छुपजा रे बादल में म्हारो, राम गयो बनवास।
मीठी मीठी मेरे सांवरे की मुरली बाजे
बोल सुआ राम राम,मीठी मीठी वाणी रे।
बिनजारी ये हंस हंस बोल,प्यारी प्यारी बोल। बातां थारी रह जासी।
दुःख में मत घबराना पंछी,ये जग दुःख का मेला है।
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