मैं बन गई दासी जगदंबे शेरावालीये
Author: Pushpanjali
आज तुलसी की पूजा हमारे अंगना।
निंद्रा बेच दू कोई ले तो। हा राम राम रेट तो , तेरो मायाजाल कटेलो।
तेरी तस्वीर क्या देख ली सांवरे।
हरी हरी बोलो जी, नारायण बोलो।
अंगना में नाच रहे छोटे से हनुमान जी।
भांगिया के नशे में है,आज मेरे त्रिपुरारी
दिल तुमको दिया नंदलाला, प्यार तुमसे किया गोपाला।
जुल्मी ऐसी बजाई मुरलिया,
मेरी यमुना में बह गई गागरीया।
जागो जागो सब सखियां, भोर भई।
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