ये सुन्दर सिणगार सुहाना लगता है,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
ग्यारस की रात आयी
तुम श्याम को मना लो
कहाँ रखोगे बाबा,
हारो की अंसुवन धार,
कभी फगण में आया, कभी ग्यारस पे आया,
कभी भक्तों से मिलने आया करो,
चारभुजा रा नाथ थारी,
सेवा करा दिन रात,
मेरी आँखों में आंसू को तू आने ही नहीं देता,
तेरी माया का ना पाया कोई पार,
की लीला तेरी तु ही जाने॥
श्याम तेरी इनायत से,
मिली ये जिंदगानी है,
श्याम धणी की किरपा, जिस पर रहती है,
हारे का तू ही सहारा है,
तू बाबा श्याम हमारा है,
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