के गर्व करे इस काया को,या चले न तेरे साथ, भजले श्री श्याम।
Author: Pushpanjali
ओ जी ओ गिरधारी नटवर नागरिया
होंगी जो पूरी नौ रात, मैया की विदाई होगी।
ल्याया थारी चुंदड़ी करलयो मां स्वीकार
मोटी सेठानी म्हारो बेड़ो पार लगानो पडसी ये
मैया नवरातों में, जब धरती पर आती है
मेहंदी रची थारे हाथा में,घुल रहयो काजल आंख्यां में
मतवाली मेहंदी ए,दादी जी के हाथा रचगी
चंदन चौक पुरावां, मंगल कलश सजावां।
आओ जी आओ घर का, देव मनावा।
You must be logged in to post a comment.