मत कर रे सांवरा हेरो ,
म्हारे थारे बराबर डेरो।
चरण शरण में राख सदा शिव तेरी है दरकार दया कर बम भोले,
सुण मारा सुवा बीरा रे।
बैठो आमुला री डाल ,
बोली रे थारी मीठी लागे रे।
मोहन बन गए नर से नार
छमछम नाचे कृष्ण मुरार
बिगड़ी कौन सुधारें नाथ बिना,
बिगड़ी कौन सुधारे जी,
गुरु बिन कौन करे भव पारा,
जा टूट भरम के ताले तू पूंजी ला गुरु ज्ञान की ।
अरे में तो जोऊं रे सांवरिया थारी बाट,घननामी थारी बाट,बैरागन थारा नाम री।
ज्वाला मैया को दरबार यो अकबर देखन आया।
झूला तो झूले रानी राधिका,
झुलावे नंदकुमार,
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