जगत में कोई ना परमानेंट
Author: Pushpanjali
रास कुंजन में ठहरायो
आज हरी आए विदुर घर पावना
स्वागतम कृष्णा, सुस्वागतम कृष्णा
मने ईबके तो बचाले मेरी माय बताउडो आयो लेवण ने
उस बांसुरी वाले की गोदी में सो जाऊं
बताओ कहां मिलेगा श्याम
ये प्रार्थना दिल की बेकार नहीं होगी
हर जनम में सांवरे का साथ चाहिए
हम हारे हारे हारे,तुम हारे के सहारे।
You must be logged in to post a comment.