नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अंबे दुख हरनी।
Author: Pushpanjali
माखन दूंगी रे सांवरिया,थोड़ी मुरली तो बजाय,माखन दूंगी रे।
जिंदगी में हजारों का मेला जुड़ा।
भए प्रकट कृपाला दीनदयाला,कौशल्या हितकारी
मत कर माया को अहंकार, मत कर काया को अभिमान
ओ बालाजी, कद म्हारी अर्ज सुनोला।
ॐ नमः शिवाय ऊं नमः शिवाय। हर हर भोले नमः शिवाय।
श्री राम चंद्र कृपालु भज मन, हरण भवभय दारुणं
सजधज के जिस दिन मौत,की शहजादी आयेगी
सांवरियो है सेठ म्हारी राधा जी सेठानी है।
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