एकबार भजन कर ले,मुक्ति का जतन कर ले।
Author: Pushpanjali
तुलसां कर आई चारों धाम
ओ कलजुग ढोल बजातो आवे रे,चौड़े धाड़े
राधे पूछ रही तुलसां से, तुलसां कहां तेरा ससुराल।२।
चालो जी चालो, चालो रामदेवरे,बाबा रामदेवरे दरवार।
भाव सुमन लेकर में बैठा गौरी सूत स्वीकार करो
कलयुग के देव निराले बाबा ये खाटू वाले,महिमा इनकी है अपरंपार
सब देवों ने फूल बरसाए,महाराज गजानन आए।
तेरे चूहे ने करे रे कमाल,गणेश तेरे चूहे ने।
तेरी यमुना का ठंडा मीठा नीर,मटकीया भर लेने दे।
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