सीयाजी से पूछ रहे,अंजनी के लाला
Author: Pushpanjali
हे राम तेरी दुनियां में कौन सुखी
ना देना दोष किस्मत को, विपद तो सब पे आती है,
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी
तुलसां में मेरे भगवान, में माला फेरूँ तुलसां की
हरी ओम में ओम समाया है,मेरा भोला नगर में आया है।
गणपति गोल मटोल,बलैया लेवे गौरा जी
मन हो जा दीवाना रे,श्री बालाजी के चरणों में
सीता तुलसी मनावे सबेरे उठ के
माता अनसूया ने डाल दियो पालना।
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