आज भोले नाथ की शादी है
Author: Pushpanjali
होली खेल रहे नंदलाल,मथुरा की कुंज गलिन में।
चल हंसा उस देश ,समंद जहां मोती
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल
राधा ने काजल डाला संग में आई ब्रज बाला
काई लागे ओ गोपाल मीरा ओ थारो काई लागे गोपाल ।
चुनरिया माँ की रेशमी कोई गोटा लगाओ रे
कोठे ऊपर कोठड़ी, मैया का भवन सजा दूँगी
किसने सजाया तुझको मैया।
बड़ी प्यारी लागे, बड़ी सोणी लागे।
नवरातों में रंग बरसाओ,आओ आओ मां अम्बे आओ।
You must be logged in to post a comment.