गुड़हल के फूलों में कौन गुण है,नौ बहिनी लुभानी।
Author: Pushpanjali
कन्या बनकर मैया देखो, आई मेरे अंगना।
तुझमे ओम मुझमें ओम सब में ओम समाया।
जिस के घर में खाटू वाले की, तस्वीर लगाई जाती है
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे, बागो में झूला पड़े।
राम को देख कर के जनक नंदिनी,
बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी
तीनो लोकन से न्यारी, राधा रानी हमारी
राधा रानी से मिलना बड़ा जरुरी
चाहे रूठो या राज़ी रहो,मुझे दर पे बुलाना पड़ेगा
ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैंजनियां।
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