भक्तों के घर भी सांवरे,आते रहा करो
Author: Pushpanjali
जिसकी ऊँगली पे चलता ये संसार है।
मैया मुझे मालूम नहीं तुम्हें कैसे सजाया जाता है
कृष्णा काले, मुरलिया वाले, ओ जग से निराले, तू करुणानिधान है
म्हारी वैष्णो मां कल्याणी, थाने आया सरसी।
कोई कहे जगदंबे, कोई कहे ज्वाला।
मै तो घर को ही मंदिर बनाउंगी, तीर्थ नही जाउंगी।
पूरे बरस मैया कहीं भी रहना,नौ दिन मेरे घर आना, ओ मेरी मैया।
आजा मां नवराते में,जब जब जागूं जगराते में।
लीले पे बाबो सोवे,मनड़ो भगता रो मोहे।
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