मैया जी मैं तो आया थारे द्वार जी,
टाबरियां कानी मुलको तो सही।
Author: Pushpanjali
बजा दे ढोलक तू ढोलकियाँ, छमा छम नाचे लांगुरिया।
शेरो वाली मैया से मेरा प्यार पुराना से
चला चला रे ड्राइवर गाड़ी होले होले। मैया के भवन को मारो मन डोले।
जरा ढोली ढोल बजाना,मेरी खुशी का नहीं ठिकाना
झूला झूलन आई हो,जगदम्बा भवानी।
तूने सिर पे धरा जो मेरे हाथ के, अब तेरा साथ नहीं छूटे।
आजा आजा रे कन्हाई तूने काहे देर लगाई
सिया राम के मधुर मिलन से, फूल बगिया मुस्काये
सावरे बिन तुम्हारे गुजारा नहीं।
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