अरज म्हारी सुन आओ मां, दरस म्हाने दिखाओ मां।
Author: Pushpanjali
डमरू वाले की लीला है न्यारी,
बिन पिये नशा हो जाता है।जब सूरत देखू भोले की,
हारे का साथी खाटू नरेश,
करता कृपा भक्तों पर विशेष
एक बार तो राधा बनकर देखो मेरे साँवरिया,
पधारो राधा संग सरकार,
खुले है मन मंदिर के द्वार,
भजमन शंकर भोलेनाथ
डमरू मधुर बजाने वाले
डमरू बजाने वाले
जय हो जय भोले भंडारी
गणपति जी दया कीजिये
मेरी अर्जी लगा लीजिये
गोरा मैया जी के प्यारे भोले जी की आँख के तारे।
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