चले आओ,
तड़पता है तेरा ये दास संभालो,
आपकी किरपा से घर,
संसार चलता है,
मेरे चाहने से पहले मुझको सब कुछ मिल जाता है
मैं गुड़िया तेरे आँगन की
जाउंगी बैठ के डोली साजन की
बच्चो से कभी मैया, यूँ रहती दूर नहीं,
हम सब पर हे सांवरे, है तेरा उपकार
हम भटक रहे मारे मारे, दुख दर्द मुसीबत के हारे
श्याम मुरली तो बजाने आओ,
रूठी राधा को मनाने आओ ।
जो प्रेम गली में आए नहीं
वह प्रीतम का ठिकाना क्या जाने।
मैं बरसाने की छोरी, ना कर मोते बरजोरी,
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