ओढल्यो तारा री मां चुंदड़ी,म्हारी झुंझनू वाली मां हीरा पन्ना जड़योडी।
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
चरणों का थारे दादी बन के पुजारी
झिलमिल झिलमिल चुंदड़ी में तारा चमके
प्यारो सज्यो है सिंगार की दादी होले होले मुल्के
संकट हरनी मंगल करनी झुंझनू वाली मात तेरा ही सहारा है
भोली ढाली प्यारी दादी मां टाबरिया थाने याद करे
थारो खूब सज्यो सिंगार भगत थाने निरखे बारंबार
चलो चलो री झुंझनू के मंदिर आज दादी दुल्हन बनसी
थारी धरम ध्वजा फहराए