तेरे भक्तों ने रंग दीन्हा,दुपट्टा तेरा।
Author: Pushpanjali
कान्हा रुनझुन रुनझुन चलने लगे
तेरे नाम से कन्हैया, चलता मेरा गुजारा।मेरा गुजारा।
मैं तेरी हो गई रे मेरे,सांवरिया सरकार
हमारे ऐसे हैं हनुमान
कामना ह्रदय की सुना के देख ले
झूला झूलो री राधा रानी, झुलाने तेरा श्याम आया
कान्हा बिन चैन पड़े कैसे दिन कट जाए रात कटे कैसे
अरे री मुझे ना भावे कुछ और,सांवरा बस गया नैनन में।
जब जब मेरा मन घबराता,मुझे कुछ भी समझ नही आता
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