कहां से लाऊं नमक में मैया, कहां से लाऊं राई
Author: Pushpanjali
मंदिर में जोगणिया लांगुर से झगड़ी। तूं क्यों नहीं लाया रे मैया की चुनरी।
नाट मत नाट मत जाऊंगी जरूर, मैयाजी के दर्शन पाऊंगी जरूर।
आओ गजानन प्यारे, हो गिरिजा के दुलारे।
मैया तेरी महिमा है निराली
तुम हो गणेश बेमिसाल बेमिसाल
चालो चालो खाटू धाम, जहाँ बिराजै बाबा श्याम
सुखकर्ता की दुःख हर्ता विध्न विनाशक गणराया।
मैं तो मैया जी की ज्योत जगाए रखती
ना तो दुःख है ना कोई कमी है,जबसे मैया की रहमत हुई है
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