राधा रानी जमुना के पार मिलना
Author: Pushpanjali
Categories
Bajrang vaan, बजरंग बाण,
बजरंग बाण
तेरा नगरकोट स्थान, स्थान,पीपल पर भवानी झूल रही।
माता रानी के नथ पे मोर,नाचे थई थई
सांवरिया म्हाने क्यों नहीं बनायो रे,थारे वृंदावन को मोर,रंगीलो गिरधारी।
म्हारे श्याम की किरपा अपार,देखो बरस रही जी बरस रही
राचनी मेहंदी है,बिराजी दादी है
हरि का भजन करो,हरि है तुम्हारा
मईया मैं तेरी पतंग।।
हवा विच उडदी जावांगी
इस महारानी के प्यार में कहीं पागल ना हो जाऊं।
You must be logged in to post a comment.