ढोलक बजाऊं सारी रात, मैयाजी तुमको सोने ना दूंगी
Author: Pushpanjali
शेरावाली को लगाया मैंने फोन, कि ट्रिंग ट्रिंग घंटी बजे
चालो रे चालो,चालो खाटू धाम रे
मां तुमसे जुदा होके, मर जाएंगे रो रोके।
दादी जी म्हारे घरा पधारी, तन धन जी भी साथ है।
दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है।
दीवाने हैं दादी के,हम तो मतवाले हैं।
धीरे धीरे ढोलक बजइयो मेरी सखियों, मैया भवन में आईं रे सब भक्त दीवाने।
जयकारा लगाओ मैया दौड़ी चली आयेंगी
शेरावाली कब आओगी मेरे आंगना।
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