रंग भरयो लाला ने, रंगीली प्यारी राधा राधा।
Author: Pushpanjali
अरे सूण म्हारा मनवा वीर एडी नहीं करणी। अरे जल ऊंडो संसार, दोरो तिरणो
दरबार सजा तेरा न्यारा,निरखत निरखत मैं हारा।
मैं बूटी ढूंढ के लाऊंगा, मेरा वादा है,
टूट गयी है माला, मोती बिखर चले,
सुन मेरी मात मेरी बात, छानी कोणी तेरे से
गलती तेरी है सरकार,
फागण दिखा दियो इक बार,
कन्हैया तेरी यारी पे
वारी रे मैं तो वारी।
मत घबरा मन बावरे,
है श्याम तेरा रखवाला,
ठुकराओ या स्वीकार करो,
मैं शरण में हूँ,
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