कौन सखी मार दियो री टोना, मेरो मचल्यों श्याम सलोना
तमन्ना यही है के उड के, बरसाने आऊं मैं
मैं तो पतली पड़ गई सांवरिया, कर कर थाने याद
हाथो को थामे तुम रखना, मैं कही न खो जाऊं
ओ सँवारे तेरा खाटू न छूटे रे
मैया के दर पे नजारा मिलता है
मैया काया है एक रेल,रेल अब चलने वाली है
कौन चरावे मेरी गैया श्याम बिन,कौन चरावे मेरी गैया।
डलिया में क्या क्या लाई,बता दे मालनीयां
घर से निकली में अकेली,रस्ते में शेर मिला दईया
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