अईयां आंख ना दिखाओ, थाने पाप लागे।
Author: Pushpanjali
मेरे शिव भोले भंडारी, मैं आया शरण तिहारी।
थे ही म्हारा मायड़ बाप जी ओ म्हारा,खाटू का सरदार।
ओम जय जानकी नाथा, प्रभु जय श्री रघुनाथा
दाता नही है श्री राम के जैसा,सेवक नही है हनुमान के जैसा।
श्याम नाम की सर पे है छतरी, कांटो भरी कोई राह नहीं।
भेलों करले राम नाम धन,काम यो आवेगो।
घड़ी घड़ी पल पल, बीते रे उमरिया
आरती जगमग जगमग चमके, बालाजी महाराज की।
कृष्ण प्रेममयी राधा, राधा प्रेममयी हरि।
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