राम कहने से तर जाएगा,
पार भव से उतर जायेगा
Author: Pushpanjali
तुलसां जी घेर घुमेर,में वारी जाऊं सांवरिया
कैसे बताऊं कैसा, सखी री मेरा सतगुरु कैसा
ना अब रुला मेरे सांवरे,रूठी मेरी किस्मत उसे आके बना दे
बात दिल की मेरे,आके सुन सांवरे।
चलो रे भक्तों मैया की नगरी,
सज धज के बैठी है माँ,
लागे मैया सेठानी।
आज घर में मैने कीर्तन कराया है मां,
हनुमान तुम्हारे द्वारे पर एक दास भिखारी आया है
थोड़ी सी देर डट जा महारो, जीव न भरयो।
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