कैलाश पर्वत का मैं रहने वाला, मुझको बुलाते हैं सब भोले बाबा
Author: Pushpanjali
मुझे चरणो से लगा ले,
मेरे श्याम मुरली वाले।
खप्पर भरकर लाई रे गोरजा,भांग धतूरा घोट के।
चम चम चमके चुनरी महारानी ओ,
मेरे अंगने में मां अंबे का स्थान है
बदल गई दुनिया मेरी, बदला मेरा तराना
मंदिर में बैठी मैया जी, आसन लगायी के
नचना नचना नचना, मेरी माई के भवन में नचना।
काली का रूप तूने ले लियो रे, शंकर की दुल्हनिया।
जागी जागी जागी रे,दिवले री जोत जागी रे
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