तेरा दरबार निराला,बिन मांगे देने वाला,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
कभी वों हार ना सकता,
जिसे तेरा सहारा है।।
श्याम तेरे हाथों में हमारी डोर है,
वो कौन है जिसने हमको दी पहचान है,
हार कर दर पे जो आता है
हाँ मेरी पहचान मेरा,खाटू वाला श्याम है,
तेरी किरपा से साँवरे, सब कुछ है मैंने पा लिया,
जब मिलने को दिल चाहे तू ऐसी युगति बनाये
ये दुनिया वाले क्या जाने, मेरा आधार लखदातार।
मैं जब जब ठोकर खाती हूँ,
वो आकर संभाल लेता है,
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