या रुनझुन करती भीलनी, कठिने चाली रे
Category: शिव भजन लिरिक्सshiv bhajan lyrics
हरी ओम में ओम समाया है,मेरा भोला नगर में आया है।
फूल बिछाऊं भोले तेरे द्वार पे,प्यार से पुकारा तेरा नाम
नही बजता ये डमरू,भांग बिना नहीं बजता।
भोले बाबा की निकली बारात है,भूत प्रेत बाराती, वाह क्या बात है।
भोला जाए बसे काशी में, गिरिजा महारानी के संग
गोपी बनकर आए भोलेनाथ,चुनर ओढ़ी पचरंगी।
गोरा रानी ने जपी कैसी माला,मिला है डमरू वाला।
एक जोगी आया रे तेरे द्वार, करे है पुकार,दिखा दे मुख लाल का
सिर गंगा की धार,गले सर्पों के हार महादेवा
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