जय बोलो जगदंबे भवानी,जय बोलो जगदंबे भवानी
Author: Pushpanjali
तेरे द्वार खड़ा भगवान,भक्त भर दे रे झोली
कोई लाख करे चतुरायी,करम का लेख मिटे ना रे भाई
आते जाते हुए गुनगुनाया करो।
राम बोला करो राम गाया करो
जब चराता है,बन बन में गउवे,कैसे कह दूं की ग्वाला नहीं है।
जगत के रंग क्या देखूं,
तेरा दीदार काफी है
कई जन्मो से बुला रही हूँ,
कोई तो रिश्ता जरूर होगा
हरि हरि बोल तू तर जायेगा
गौरा रूठ गयीं, मायके चली गईं, ताला लग गयो कुठरिया में
गुफा में से निकली,पहाड़ तोड़ के।पहाड़ तोड़ के।लाल लाल लहंगा,चुनर ओढ़ के।
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