मेरी भक्ति में भंग मत डाले मेरी मां,व्याह करवा दे कान्हा से।
Author: Pushpanjali
भक्तों फूल बरसाओ,मेरी कैला मां आई है।मेरी दुर्गे मां आई है।
लाल जीभ रंग काला, किसी ने मेरी मां देखी।
मुझे ले चल लांगुरिया,मैया के जगराते में
तेरी धानी चुनरिया लाल लाल,कहां से लाई बतलाना
ओ जगंल के राजा मेरी मैया को ले के आजा
प्यारी लागे ओ,मैया जी री चुंदड़ी।
बदरिया बरसे श्याम नही आए
मैं हूँ दासी तेरी दादीये,सुनले बिनती मेरी दादीये
जय माता की बोल तूं भैया,जय माता की बोल।
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