शंकर पार्वती की संग पड़न लागी
हरे हरे, पड़न लागी भांवरिया।
Author: Pushpanjali
राम नाम ना गायो गुरु जी मैंने राम नाम ना गायो।
ओ मेरे गोपाल कन्हैया मोहन मुरली वाले,
आओ श्याम जी कन्हैया नंदलाल जी,
मेरे प्राणो से प्यारे गोपाल जी ।
ओ नंदी रे ले जा मेरा संदेश, सुना दे डमरू वाले कूँ।
ठुमक ठुमक चले गोरी का लाला,
आओं गोरा के लाला मेरे घर में करो उजाला,,
मन मंदिर में ज्योत जला के बोलो गणेश का जयकारा।
पार्वती तेरा भोला,
जगत में सबसे निराला है ।
तू हर जर्रे जर्रे में रोशन रहता है,
तेरा सब पे, कर्म भी रहता है ।
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