हरी द्वार की याद सतावे भोले कद सी बुलावे गा,
भोले जी तेरी इक ना मानुगी तेरे सिलवटा तोडूगी,
मुझे खाटू वाले श्याम से ही प्यार हो गया।
रुखी सुखी रोटी भोले खाइयो मेरे हाथ से,
मेरे श्याम सा दिलदार कोई और नहीं है।
शीश गंगा गले नाग काला,
दूल्हा बने भोलेनाथ,
जोड़ी का जवाब नहीं,
शंकर चले ससुराल गिरिजा ब्याहने को आज,
मेरे नाथ केदारा,
तेरे नाम का सहारा,
तुझमे शिवा मुझमे शिवा तन में शिवा मन में शिवा।
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