आयो रे आयो फागुण आयो रे
धीमा बजाओ भोलेनाथ
डमरू धीमा बजाओ।
मैंने अपणा बणाकै न तू दास राखले।
मेरी बिगड़ी तो मेरा बाबा ही बनाएगा
हो मेला भोले का लगे नीलकंठ द्वार,
शिव ने पार्वता दोन्यु पोढिया महादेवजी।
बम बम भोले आए शिव डमरू वाले आए
मैं हूँ श्याम का दीवाना,
सांवरे से कहना हमें भी बुला ले ,
भोलेनाथ को नंदी राम राम कहियो।
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