जुग माहि थोड़का जीवणा, फेर जन्म मत लेवणा
सबसे निराली होली बरसाना होगी,
हरि खेल रहे ब्रज में होली
आज भगत भगवान से पूछे मीठी मीठी बात तने कित जाना से।
मेरे बाबा की चिट्ठी आ गई रे।
चालो जी चालो खाटू फागणिये में।
होली खेले चारों भैया।
बाबलियो मारे हेलो सारो देश हो गयो भेलो।
है लाडो बता दूं तो बात काम जिंदगी भर आवेगी।
करे सासु का सत्कार के तु भी कभी सासु बनेगी।
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