रंग दिनों नंद को लाल बिरज की गोरी ने।
चल साथीडा ओ बाबा खाटू धाम बुलाए रे।
खाटू धाम जहां बिराजे बाबा श्याम,चलो जी चाला खाटू।
बाई सा रा बीरा जेपुर जाज्यो जी
लाडला देवरिया को ब्याव मंड्यो रे
म्हारा बनड़ा गुलाब को फूल
की तितली बनड़ीजी ।
कान्हा ने मलयों गुलाल जुलम कर डालो।
जय जय राधा रानी जय जय महारानी।
उमराव थारी बोली प्यारी लागे म्हारा राज
ओ दे गयो कागद पोस्टमैन, म्हारा पीव घर आसी जी
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