ओ गुण ए गोरो डाल मरोड़,
ओ कुण तोड़ ए बीरा मरवा रा पान,
म्हे हरीया गोबर गंवली दयां, मोत्यां चोक पूराय स्यां
ब्रज धाम में उड़त गुलाल होली का जवाब नहीं।
बरसाने की छोरी बोली अपने मां के कान में।
एक देवता ऐसा देखा जिसके हाथ नहीं है।
शंकर मेरा प्यारा, शंकर मेरा प्यारा ।
मीठे रस से भरयोडी गवरल राणी लागे,
घर आंगन को सजवालो जरा मेरी गवरल आने वाली है।
कान्हा मेरी चुनरिया रंग वाय दियो
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