आरतो जी आरतो म्हारी गवरा बाई से आरतो
म्हे थांन जोशी रा बेटा बिनवां,
हाथां म छड़ी गुलाब की गौरा सुरज जी बाय बा न जाय
करवा रे आठ कुंवा नो बावड़ी,
इशर दास बीरो चूनड़ी रंगाई बाई सूदरा र दाय नहीं आई
सैयां इंण नगरी मं फूलड़ा दोय बड़ा,
पेलो हिंडोलो मंडल ओ बीरा दूजो कोई गढ़ गुजरात
इशर दस जीन सोव पीली पागड़ी ए मांय
हिन्डो मांडयो रे बीरा चम्पल री डाल
धीमि चलो ये पनिहारी लहंगो गर्द भरे
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