निमिया के दाढी मईया
डालेली असनवा,
मुरली बजाए भगवान राधा नाच रही।
गणगौर मेरे घर आई मैं तो झूम झूम बांटू बधाई।
श्री राधा रानी मत जइयो तुम दूर
अरे रे क्यों तड़पावे खाटू वाले श्याम।
राधा नाम जपा कर बंदे काम यही बस आएगा
म्हारी प्यारी गवरजा आईज्यो।
आ तो एक साल स्यु आवे, सोलह दिन तक रह जावे
गवरजा ईशर हठीलो उभो बाग में
म्हारी गवरल फुल गुलाब, ईशर को रंग केसरिया,
You must be logged in to post a comment.