जिस पे सांवरा,होता मेहरबान है,
सखी री मेरे मन अभिलाषा होय मदन मोहन के गुण गाउ
गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया
भरया भण्डारा रहसी ओ राम,
तेरे ख्यालो में खोया रहूं में,जांगू दिन और रात
साई के दरबार में जा भाई, लम्बा खड़ा खजूर
झोली भरदे रे खाटू का बाबा श्याम भिखारन तेर द्वार खड़ी
तेरा भगत करे अरदास ज्ञान मोहे देना हे काली।
जे तू राम नाम चित्त धरतो, जे तू कृष्ण नाम चित्त धरतो
जगत में कोई ना परमानेंट।
कह दो कारे से, मुरलिया वारे से
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