दिलदार यार म्हाने तो,
निभानो पड़सी,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
खाटू नगरी में ऐसा एक गुलाब है।
हाथो को थामे तुम रखना, मैं कही न खो जाऊं
ओ सँवारे तेरा खाटू न छूटे रे
मैं तेरी हो गई रे मेरे,सांवरिया सरकार
जब जब मेरा मन घबराता,मुझे कुछ भी समझ नही आता
ना गोरे का ना काले का,घनश्याम मुरली वाले का
हम लाड़ले खाटूवाले के, हमें बाबा लाड़ लड़ाता है
शूकर सांवरे तेरा,ये जीवन रहा है गुजर सांवरे
जरी की पगड़ी बांधे,सुंदर आंखों वाला
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