मान जा कहना खाटू के लाला ।जाट हूं मैं भी हरियाणे वाला।
Author: Pushpanjali
रुत भादुडे की आई ,की मेलो थारो खूब भरसी
वादा कर ले सांवरे छोड़ोगे ना हाथ
कईयां रीझे श्याम रिझानों कोनी जानूं में,
कुछ दे या ना दे श्याम इस अपने दीवाने को
दुनियां से जो हारा में आया तेरे द्वार
अईयां बैठ्यो जैयाँ भक्तों को जंवाई लागे।
सिंगार यह प्यारा किसने सजाया है आज बनड़ा लगे मेरा श्याम सांवरा
शीश के दानी महा बलवानी खाटू वाले श्याम तेरा जयकारा है
पकड़ लो हाथ बनवारी नहीं तो डूब जाएंगे
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