दगा किसीका सगा नहीं है,किया नही तो कर देखो
Author: Pushpanjali
मां अबकी हमारी बारी हो
चम चम चमके चुनरी जी कोई, थारी सती मां।
आज तनधन की निकली बारात, सब मिल मंगल गाओ
झुंझुनू वाली दादी को बुलाओ, जयकारा जरा जोर से लगाओ।
पगल्यांडी पायलडी बाजे, हाथा रो चुड़लो।
चुटकी जोर की बजाई रे बजरंग बाला
बालाजी तेरे भरोसे, मेरा परिवार है।
तूं श्याम ने मनाले तेरा हो जासी वारा न्यारा
बाबा हाथ पकड़ ले थारे द्वार, आऊं मैं कईयां।
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