मेरे माटी के मटके तूं राम राम बोल।
Author: Pushpanjali
तूं कितनी अच्छी है तूं कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है। ओ मां ओ मां। ओ मां ओ मां
तूझे सूरज कहूं या चंदा, तुझे दीप कहूं या तारा।
ग्यारस चानन की आई, भगता मिल ज्योत जगाई।
मुझे तुमने दाता बहुत कुछ दिया। तेरा शुक्रिया है। तेरा शुक्रिया है।
लुट रहा लुट रहा लुट रहा रे, श्याम का खजाना लूट रहा रे।
श्याम तेरे भरोसे मेरा परिवार है
म्हारे मन की बात बाबा थारे से ना छानी है।
मेरी लगी श्याम संग प्रीत, ये दुनिया क्या जाने।
तुम हमारे थे प्रभु जी, तुम हमारे हो।
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