बोल कान्हा बोल कैसा काम हो गया
Author: Pushpanjali
गोरा रानी ने जपी कैसी माला,मिला है डमरू वाला।
राधे राधे जपा करो,कृष्ण नाम रस पिया करो।
लाल लंगोटो हाथ में घोटो, थारी जय हो पवन कुमार
म्हारो बेडो पार लगा दिज्यो,सालासर महाराज।
चालो देखन ने कान्हा जी थारी राधा नाचे रे
राणाजी तेरे महलों में आग लगे।
एक जोगी आया रे तेरे द्वार, करे है पुकार,दिखा दे मुख लाल का
बाबा रामदेव जी ओ थाने खम्मा घणी।
लीले घोड़े रा असवार,माता मैनादे रा लाल,रानी नेतल रा भरतार
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