मैने लियो ना हरी को नाम, बुढ़ापो बैरी आय गयो
Author: Pushpanjali
मैया दिल बेकरार तेरे बिना
पीपल का पत्ता तोड़के पतंग बना लेना
तेरा डम डम डमरू बाजे रे, ओ भोले भंडारी।
मेरी डलिया में राम मेरे हाथों में श्याम,में बेचूं सुबह शाम
अंगना में आया बढ़ई,यशोदा मैया ले ले पलना
छम छम करती आवे हे सखी,मैया शेरों वाली है।
थाने हेलो पे हेलो देऊं म्हारी मां,सोना रा झांझर बाजना।
बनो म्हारो चार भुजा रो नाथ,बनी म्हारी तुलसां लाडली
गौरी नंदन थारो अभिनंदन, करे सारो परिवार
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