ऊँचा भवन है मैया का, मैं तो चढ़ते चढ़ते आ गई
Author: Pushpanjali
आज की रात मैया नींद नहीं आयेगी। सुना है तेरे मंदिर में जगराता है
तेरे दर पे खड़ा तेरा लाल माता रानी।
जहां मैया की ज्योति जलेगी,बिना पानी के नैया चलेगी।
म्हारी कुल री देवी मां,बेटा थारा लाड़ करे
सबको देती है मईया, अपने ख़ज़ाने से।
बारी सी उमरिया औ धानी सी चुनरिया
ना जी भर के देखा, ना कुछ बात की,
ओ मेरे भोले, आंखें तो खोलो, दर्शन करा दो इक बार
,थारे नाम सूं बाबा,पहचान है म्हारी,
थारे नाम को, जोर है
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