मेरे अँगने में माँ शेरावाली आई है।
Author: Pushpanjali
मेरे घर आना भवानी,तुम फूलों पे चलकर।
बाजी सांसों की शहनाई,मैया निर्धन के घर आई
झोपडी बरसाने जा बनाऊंगी
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार प्यारे जू।
बन की मोर बनायियो मेरे मोहन,फिरती फिरूं गलियांन में
शेर पे सवार होके आजा शेरा वालिये
आया बुढ़ापा जब जानी,राम दगा दे गई जवानी
जागो जागो शेरावाली,जागो मेहरा वाली,सवेरा हो गया है
मंगल को जन्में,मंगल ही करते,मंगलमय भगवान
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