मां बापा ने छोड़ बेटा होगया न्यारा।
सांवरिया ने डोरी खींची, दिल को मेरे चिट्ठी भेजी।
सेठों का सेठ खाटू नरेश,
लांगुरिया सट्टेबाज की सब कुछ हारो रे सट्टे में।
घर-घर में जगा दी तेरी ज्योति घर-घर में
गोरी म्हारी डागलिये पे चालो आज।
मटक क चालूंगी,हे चटक क चालूंगी।
ये जिंदगी मिली है दिन चार के लिए,
भोली सूरतिया पे भाभी दिल दीवाना हो गया।
आओ जी आओ म्हारे हिवड़े रे पांवणा
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