बन गयो रामजी हिर्नाकुश अभिमान में
लाला चोपड़ी ने छोड़ में तो कहूं सीधी सट्ट।
सखी मिल गाओ मंगल गान, पधारे प्रथमेंश्वर भगवान
बेगा पधारो म्हारा श्याम सुंदर की अर्जी आई रे
कलयुग का तारणहारा, यह पांडव कुल उजियारा
मेरो मन लग्यो बरसाने मे
मोहे पागल बनाई गयो जी मेरो सुंदर श्याम सलोनो।
बरसाने में झूला पड़ गयो,
में रंग गई श्याम के रंग में,
हे बजरंगी राम दुलारे विनय मेरी स्वीकार करो। हरि चरणन की लगन ना छूटे मुझ पर यह उपकार करो। मन मेरा मंदिर हो जाए, सियाराम आकर बस जाए। नैनन नित तेरे दर्शन पाए, वाणी मेरी हरि गुण गाए। राही की है आस पुरानी हनुमत अब साकार करो। हे बजरंगी राम दुलारे विनय मेरी स्वीकार करो। […]
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