क्या मांगू मैं तुमसे भोले,तुम ने सब कुछ बक्शा है।
मधुबन की लताओं में मेरे श्याम नज़र आए
तेरे दरबार में दाता सुनाने दिल की आये हैं।
बरसाना बसा लो किशोरी, जगत में जी ना लगे,
चलो गौरा रानी मेला दिखाऊं हरिद्वार का,
वो मन कहां से लाऊं तेरी भक्ति में जो मन लगे।
लोरी सुनाए गौरा मैया,
झूला झूले गजानंद,
रो-रो के तुमसे करूं पुकार, जल्दी से आओ पवन कुमार
माने बुद्धि दीजो महाराज ,
गजानंद गौरी के नंदा।
ये काला चूहा काट खाएगा।
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